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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो बना वैश्विक पहचान का मंच

SHIDDHANT
29 Sept 2026 7:46 PM IST
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो बना वैश्विक पहचान का मंच
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NOIDA नोएडा। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के समापन अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यह आयोजन प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक और कारोबारी पहचान को वैश्विक स्तर पर सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बना है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आए उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और खरीदारों को एक मंच मिलने से उत्तर प्रदेश के उत्पादों के लिए नए बाजार और कारोबारी अवसर बने हैं। यूपीआईटीएस-2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में किया गया।
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान और मुख्यमंत्री युवा योजना जैसी योजनाओं के जरिए राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बेहतर कानून-व्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम और उद्योगों के लिए बनाई गई प्रोत्साहन नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कदमों से उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार के लिए माहौल मजबूत हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ और आगरा में विकसित किए जा रहे डिफेंस कॉरिडोर से रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिला है। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा को डेटा सेंटर के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की दिशा में काम हो रहा है। राज्य सरकार की आधिकारिक निवेश एजेंसी भी हाल के ट्रेड शो कार्यक्रमों में डिफेंस, तकनीक, एआई, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरते क्षेत्रों को प्रमुख निवेश संभावनाओं के रूप में प्रस्तुत कर चुकी है।
मंत्री ने मुख्यमंत्री युवा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को कारोबार शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने धार्मिक पर्यटन का उल्लेख करते हुए अयोध्या, काशी और प्रयागराज जैसे प्रमुख स्थलों तथा आयोजनों से प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की बात कही।
समापन सत्र में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो राज्य के कारीगरों, बुनकरों, उद्यमियों और निर्माताओं के उत्पादों को घरेलू बाजार से वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का मंच बन रहा है। उन्होंने बनारसी साड़ी, मुरादाबाद के पीतल उत्पाद, भदोही के कालीन और लखनऊ की चिकनकारी जैसे पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक बाजार, तकनीक और ब्रांडिंग से जोड़ने पर जोर दिया।
नंदी ने कहा कि प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार के जरिए उद्योगों के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग, हस्तशिल्प और निर्यात को राज्य की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। यूपी सरकार के आधिकारिक निवेश पोर्टल पर भी यूपीआईटीएस को प्रदेश के उत्पादों और निवेश संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने वाले मंच के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
कार्यक्रम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों, बिजनेस लीडरों, उद्यमियों, निर्यातकों और कारीगरों ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने कहा कि ट्रेड शो के जरिए हुए संवाद और कारोबारी संपर्क आने वाले समय में निवेश, निर्यात और नए व्यावसायिक सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ा सकते हैं।
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